बेकार है भगवान का नाम, मैं नहीं करता पुजा-पाठ (जीतन राम मांझी)
जीतन राम मांझी ने भगवान के अस्तित्व और पूजा-पाठ पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भगवान को नहीं देखा,
इसलिए वे दिखावे की पूजा में विश्वास नहीं करते। मांझी के अनुसार, माता-पिता ही साक्षात भगवान हैं और उनकी सेवा न करना ही सबसे बड़ा पाप है।
अपने पैतृक गांव महकार में पूर्वजों की प्रतिमाओं का अनावरण करते हुए वे भावुक हो गए और अपने माता-पिता के संघर्ष को याद किया।
उन्होंने कहा कि आज वे जिस मुकाम पर हैं, वह केवल उनके माता-पिता के आशीर्वाद और संस्कारों का फल है। उनके लिए अपनों की सेवा ही सबसे बड़ी भक्ति है।
- Advertisement -